देहरादून:साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और फर्जी सिम कार्डों के जरिए हो रही धोखाधड़ी रोकने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने संयुक्त रणनीति तैयार की है।
जिस क्रम में आज गुरुवार को अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में आयोजित समन्वय बैठक में साइबर सुरक्षा, फर्जी सिम एक्टिवेशन पर रोक, तकनीकी समन्वय और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
उक्त बैठक में पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर नीलेश आनंद भरने, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह समेत उत्तराखण्ड पुलिस और दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संचार साथी पोर्टल की उपयोगिता पर जोर देते हुए बताया कि इसके माध्यम से नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, फर्जी सिम की शिकायत दर्ज करा सकते हैं तथा खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक भी कर सकते हैं।
बैठक में चक्षु पोर्टल के जरिए संदिग्ध कॉल, फर्जी केवाईसी, डिजिटल अरेस्ट, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, निवेश और लॉटरी जैसे साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने की सुविधा की भी जानकारी दी गई।
अंत में अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन ने निर्देश दिए कि राज्यभर में संचार साथी पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी सुविधाओं का लाभ उठाकर साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकें।