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देहरादून की साझा संस्कृति और अमन पर शहर काज़ी का संदेश

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देहरादून की साझा संस्कृति और अमन पर शहर काज़ी का संदेश

shikhrokiawaaz.com

01/10/2026


देहरादून:जनपद की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान शहर काज़ी ने इंसाफ़, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों पर ज़ोर देते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज की असली पहचान न्याय और क़ानून के सम्मान से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच किसी विरोध या टकराव के लिए नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और शांति का संदेश देने के उद्देश्य से है।
शहर काज़ी की देखरेख में गठित शूरा कमेटी की ज़िम्मेदारी मुफ़्ती सलीम अहमद क़ासमी को सौंपी गई है। इस अवसर पर बताया गया कि शूरा कमेटी का गठन किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत उद्देश्य से नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर समाज की भलाई, आपसी संवाद और सेवा भावना को मज़बूत करने के लिए किया गया है। कमेटी का मूल आधार आपसी सलाह, निष्पक्ष सोच और न्यायपूर्ण निर्णय प्रक्रिया है।
प्रेस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि क़ानून का पालन और न्यायपालिका पर भरोसा बनाए रखना हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है। यदि लोग स्वयं न्याय करने की कोशिश करते हैं, तो इससे सामाजिक संतुलन बिगड़ता है और शांति को खतरा पैदा होता है। किसी भी विवाद या शिकायत का समाधान केवल वैधानिक और संस्थागत माध्यमों से ही होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज की मजबूती का पैमाना यह है कि कमजोर, गरीब और निर्दोष व्यक्ति खुद को कितना सुरक्षित महसूस करता है। यदि किसी नागरिक के साथ अन्याय होता है, तो उसे शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रशासन तक पहुँचाना ही सही मार्ग है। हिंसा या आत्मनिर्णीत कार्रवाई समाज के हित में नहीं है।
वक्ताओं ने देहरादून और उत्तराखंड को हमेशा से शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान की भूमि बताते हुए कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी या मतभेद का समाधान संवाद और न्याय से ही संभव है। विचारों की स्वतंत्रता के साथ-साथ जिम्मेदारी और तथ्यपरकता भी उतनी ही आवश्यक है।
सरकार और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाया जाए, ताकि आम नागरिक का विश्वास बना रहे। शूरा कमेटी का उद्देश्य किसी के विरुद्ध खड़ा होना नहीं, बल्कि समाज में इंसाफ़, सम्मान और अमन को मज़बूत करना है।
उक्त संयुक्त प्रेस वार्ता में शहर काज़ी देहरादून हज़रत मुफ़्ती हाशीम अहमद क़ासमी, शूरा कमेटी के सदर हज़रत मुफ़्ती सलीम अहमद क़ासमी और दिलशाद अहमद कुरैशी मौजूद रहे।
इस अवसर पर पार्षद मुकीम अहमद, मुफ़्ती ताहिर क़ासमी, आतिफ़ शेख़, नसीम अहमद, अब्दुल रहमान (शब्लू), सैय्यद मोहम्मद अरशी, हाकिम ख़ान, आसिफ़ कुरैशी, हाजी शमशाद, मोहम्मद आरिफ़, असगर ख़ान, सलीम अहमद, सुलेमान अंसारी, फहीम अहमद सहित कई लोग उपस्थित रहे।
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