
देहरादून-: कैबिनेट रेखा आर्य द्वारा अपने पति पर उत्पीड़न, धोखाधड़ी, मारपीट, किसी और महिला से सम्बन्ध के आरोप लगाने के बाद उत्तराखंड की सियासत में आये भूचाल व मंत्री के पति द्वारा उनके आरोपो को निराधार बताने के बाद से शुरू हुए विवाद की जांच को पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा एसपी ग्रामीण जया बलोनी के नेतृव में एसआईटी का गठन किया है।
गुरुवार को अचानक रेखा आर्य द्वारा कोतवाली कैंट में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ अन्य महिलाओं से सम्बन्ध होने, उनसे गाली गलौज, जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर अपमानित करने व मारपीट करने व उनके फर्जी हस्ताक्षर व फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर उनसे सम्बंधित कंपनियों में उनका त्यागपत्र पेश करने व अपने पति द्वारा उनको व उनके नाबालिक बच्चो को जान से मारने की साजिश रचने के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद देर शाम रेखा आर्य द्वारा रोता हुआ अपना वीडियो डाल अपने पति के बाद देर शाम अपना रोता हुआ एक वीडियो संदेश जारी कर अपने पति के विरुद्ध सबूत के तौर पर 2 ऑडियो जारी किए थे। वहीँ शुक्रवार सुबह गिरधारी लाल द्वारा भी खुद को सही साबित करते हुए रेखा आर्य की संपत्ति को भ्रष्टाचार से जुटाने व ऑडियो को एआई जेनरेटेड बताया। अब इस मामले की जांच को पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा कल शुक्रवार को एसआईटी का गठन किया गया है।
एसआईटी मामले की जांच एसपी ग्रामीण(ऋषिकेश) जया बलोनी के नेतृत्व में की जाएगी। एसआईटी में सीओ सहसपुर अनुज कुमार, कैंट कोतवाली प्रभारी संतोष कुंवर, कोतवाली नगर प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट,एसओजी उपनिरीक्षक संदीप कुमार, महिला उपनिरीक्षक विनियता चौहान,कैंट कोतवाली उपनिरीक्षक कमलेश गौड़,उपनिरीक्षक संदीप कुमार समेत कुल 9 पुलिस कर्मी इस मामले की जांच करेंगे।

एसआईटी द्वारा संभवतः आज गिरधारी लाल साहू से जुड़ी दोनो ऑडियो को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं एसआईटी द्वारा कल शुक्रवार को कृष्णा मेडिकल सेन्टर में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का बयान दर्ज करने पहुँचे किन्तु फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ न होने के चलते चिकित्सको ने रेखा आर्य के बयान दर्ज करने की इजाजत नही दी है।

