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नकल माफियाओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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नकल माफियाओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

shikhrokiawaaz.com

04/28/2024


देहरादून:एसओजी देहरादून व एसटीएफ मेरठ की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन इंजिनियरिंग इंट्रेंस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर उक्त गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।पुलिस द्वारा अभियुक्तों के पास से 01 लैपटॉप, 03 मोबाइल फोन तथा परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए है।
जानकारी के अनुसार ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल व धोखाधडी पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए नकल माफियाओ के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में कल देर शाम को एसटीएफ मेरठ की टीम से देहरादून के कुछ संस्थानों में नकल माफियाओं द्वारा विभिन्न आनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को नकल कराये जाने के संबंध में गोपनीय जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस क्रम देहरादून पुलिस द्वारा एसटीएफ मेरठ की टीम से समन्वय स्थापित करते हुए कल देर रात को एसओजी देहरादून तथा एसटीएफ मेरठ उत्तर प्रदेश की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर सहस्त्रधारा रोड स्थित इडीयू चॉइस कंसल्टेंसी नाम के कन्सल्टेंसी लैब में दबिश दी गई। जहां पर बीती 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (प्राइवेट यूनिवर्सिटी इन वेल्लोर) तमिलनाडु की आनलाइन इन्ट्रेंस परीक्षा भी आयोजित की गई थी। छापेमारी की कार्यवाही के दौरान पुलिस टीम को मौके पर दो अभियुक्त 1- जितेश कुमार पुत्र रामबाबू सिन्हा निवासी ग्राम पोस्ट अत्री थाना रुन्नी सैदपुर जिला सीतामढ़ी हाल निवासी सहस्त्रधारा रोड डंडा लाखोंड आईटी पार्क देहरादून 2- राहुल कुमार पुत्र अंजनी कुमार ठाकुर निवासी अघोरिया बाजार प्रोफ़ेसर कॉलोनी थाना काज़िमोहम्मदपुर जिला मुज़्ज़फ़्फ़रपुर बिहार  हाल निवासी हाउस नंबर - 04 रुद्राक्ष एन्क्लेव डंडा लाखोंड आईटी पार्क देहरादून मौजूद मिले। जिनकी तलाशी में पुलिस टीम को उनके पास से मोबाइल फोन, लैप टॉप तथा दिनांक: 20 से 25 अप्रैल तक आयोजित की गई परीक्षा मे सम्मिलित कुछ परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड तथा उनके एप्लीकेशन नम्बर लिखी हुई आनलाइन एक्जाम की डिस्प्ले की फोटो कॉपी बरामद हुई, जिसके सम्बन्ध में सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा उक्त परीक्षा में अभ्यर्थियों के सिस्टम का सर्वर रूम से एक्सेस प्राप्त कर आनलाइन पेपर साल्व करवाने की बात सामने आयी। दोनो अभियुक्तों को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्तों के पास से बरामद मोबाइल, इलेक्ट्रानिक उपकरण व परीक्षार्थियों से सम्बन्धित दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया। उक्त प्रकरण के सम्बंध में मेरठ एसटीएफ की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अभियुक्त राहुल कुमार, जितेश कुमार, कुलवीर तथा गौरव यादव के विरूद्व थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों के सरगना कुलवीर, निवासी हरियाणा तथा गौरव, निवासी बिजनौर का नाम प्रकाश में आया है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।
अभियुक्त जीतेश द्वारा बताया गया कि वह सहस्त्रधारा रोड पर इडीयू चॉइस कंसल्टेंसी नाम से आफिस चलाता है तथा अभियुक्त राहुल उसके आफिस का सारा काम देखता है। वे दोनो कुलवीर निवासी हरियाणा तथा गौरव, निवासी बिजनौर के लिये काम करते है। कुलवीर की सेंट जेवीयर स्कूल कैनाल रोड के पास आनलाइन एक्जामिनेशन नाम से एक लैब है। गौरव यादव और राहुल विभिन्न संस्थानों में प्रवेश दिलाने के लिये छात्रों से सम्पर्क करते है तथा उन्हें उक्त परिक्षाओं का फार्म भरवाकर एडमिट कार्ड उपलब्ध करवाते है, उसके पश्चात गौरव, कुलवीर के साथ मिलकर विभिन्न लैबो से बातचीत कर परीक्षार्थियों के ऑनलाइन परीक्षा के दौरान पेपर सॉल्व करवाते है, इसके लिये वे अलग-अलग लैबो में कुछ कम्प्यूटर सिस्टम का सर्वर रूम के माध्यम से पूर्व में ही एक्सेस ले लेते है तथा जिन परीक्षार्थियों के पेपर सॉल्व करवाने होते है, उन्हें पूर्व में एक्सेस लिये गये कम्प्यूटर सिस्टम पर बैठाया जाता है तथा सर्वर रूम में बैठकर पेपर सॉल्वर द्वारा एनी डेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से सिस्टम का एक्सेस लेकर उनके ऑनलाइन पेपर सॉल्व कर वहीं से सबमिट किये जाते है, इस दौरान पेपर सॉल्वर बीच-बीच में ऑनलाइन पेपर के स्क्रिन शॉट बाहर बैठे व्यक्तियों व परीक्षार्थियों को भी भेजते रहता है, जिससे उन्हें पेपर सॉल्व होने की जानकारी मिलती है।पेपर सॉल्व करवाने के एवज में वे अभ्यर्थियो से 01 से डेढ लाख रू0 तक की रकम लेते है, जिसे बाद में अभियुक्त आपस में बॉट लेते है। 
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