
जोशीमठ:- आज शुक्रवार दोपहर बद्रीनाथ धाम से बंगलुरु के 5 यात्रियों को लेकर जनपद देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरने वाले ट्रांस भारत एविएशन प्रा. लि. के हेलीकॉप्टर VT-HCX के दोपहर में लापता होने के बाद से ही सर्च आपरेशन में लगी भारतीय सेना, जिला प्रशासन चमोली और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम को देर शाम हेलीकाप्टर के विषय मे दुखद सूचना मिली। हेलीकाप्टर हादसे में पूरी तरह क्रैश हो गया, जिसमे पायलट समेत सभी पांचो यात्रियों की मौत हो गयी है। यूकाडा ने ट्रांस भारत एविएशन की संचालित हो रही सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है।
मारे गए लोगों में बेंगलुरु के यात्री (प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के, एच एस नटराज) और पायलट हिमांशु शामिल है।उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ , सेना और आईटीबीपी की की संयुक्त रेस्क्यू टीम द्वारा सभी शवों को बरामद कर लिया है। हादसा जिस जगह हुआ वह जोशीमठ के पास चाय गांव के पहाड़ी क्षेत्र में हुआ। रेस्क्यू टीम घने जंगल व संकरी घाटियों के चुनौतीपूर्ण रास्तों के बीच से कड़ी मशक्कत के बाद घटनास्थल पर पहुँची और सभी शवो को रेस्क्यू करने के बाद उन्ही रास्तो से शवो को मुख्य सड़क तक लाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पहाडी क्षेत्र में हेलीकाप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के तुरंत बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गयी थी व क्षेत्र जंगलो में व घनी आबादी से दूर होने के चलते वक़्त पर रेस्क्यू करना संभव नही था।जिसके चलते हेलीकॉटर सवार सभी की जान चली गयी।

मौसम विभाग द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में आज शुक्रवार को भी अलर्ट जारी करने के बावजूद हेलीकाप्टर ने उड़ान क्यों भरी, यह अब इस दुखद हादसे के बाद बड़ा सवाल बन गया है। वहीं इस हादसे ने ट्रांस भारत एविएशन प्रा. लि.पर भी सवाल खड़े कर दिए है। लगातार सवाल उठाया जा रहा है कि क्षेत्र में खराब मौसम, घने बादल और कम विजिबिलिटी (दृश्यता) की आशंका होने के बावजूद हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली।
वहीं इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी दुख व्यक्त करते हुए हादसे की जांच के आदेश दिए हैं तथा डीजीसीए की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। वहीं इस हादसे के फौरन एक्शन के क्रम में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण(यूकाडा) ने एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन की संचालित हो रही सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है।

