देहरादून:जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनपद स्तर पर संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में 25 योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति के साथ राजस्व प्राप्ति और प्रवर्तन कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने ईको टूरिज्म, पर्यटन नीति और होमस्टे योजना से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन, रीसाइक्लिंग प्लांट और स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
नदियों में कचरा फेंके जाने की समस्या पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने नालों और पुलियाओं से बहकर आने वाले कचरे को रोकने के लिए ट्रैश स्क्रीन के उपयोग की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। रिस्पना नदी पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही लोगों को नदियों में कचरा न डालने के लिए जागरूक करने और व्यवहार परिवर्तन अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ऐसे उपयुक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए, जिन्हें भविष्य में पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने इस प्रक्रिया में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के मास्टर प्लान का भी संदर्भ लेने को कहा।
बैठक में निराश्रित पशुओं के लिए कैटल पाउंड, एसएआरआरए, ‘कैच द रेन’ योजना और नशामुक्ति अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने और प्रगति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजय नाथ शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।