News :
एसटीएफ़ की म्यूल खातों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही, प्रदेश भर में संचालित 15 म्यूल खातों में करोड़ो की धोखाधड़ी पकड़ी, 2 गिरफ्तार अब नहीं बचेगा कोई ड्रग सौदागर: आईजी कुमायूँ डिजिटल जनगणना की ओर बढ़ता भारत आपरेशन प्रहार: फर्जी बिजली अधिकारी बन ढाई लाख की ऑनलाइन ठगी, ठग झारखंड से गिरफ्तार दून पुलिस ने 12वीं जीता वॉलीबाल चैंपियन का खिताब हाईवे पर स्टंट और रैश ड्राइविंग भारी पड़ी, 3 गाड़ियां सीज 19 अप्रैल को चारधाम 2026 का आगाज, एडीजी लॉ एंड आर्डर ने उत्तरकाशी पुलिस बल में यात्रा को सकुशल सम्पन्न करवाने को भरा जोश ऑपरेशन प्रहार में दून पुलिस की बड़ी सफलता एआई की महत्वता, डिजिटल नवाचार सहित साइबर सुरक्षा का उद्देश्य सिद्ध करने को दून में कल आयोजित होगा 5वां इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट समिट एवं अवॉर्ड्स चारधाम यात्रा को लेकर श्रीनगर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर उच्चस्तरीय मंथन

डिजिटल जनगणना की ओर बढ़ता भारत

  • Share
डिजिटल जनगणना की ओर बढ़ता भारत

shikhrokiawaaz.com

04/16/2026

भारत अब पारंपरिक जनगणना से आगे बढ़ते हुए डिजिटल युग में प्रवेश कर चुका है। देश में पहली बार जनगणना को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की तैयारी जोरों पर है। यह व्यापक राष्ट्रीय अभियान  के अंतर्गत  द्वारा पूरे भारत में लागू किया जा रहा है।
डिजिटल जनगणना का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक पहुंचना है। इसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ सर्वे कराया जाएगा। गांव से लेकर महानगरों तक हर क्षेत्र को कवर किया जाएगा, ताकि देश की एक सटीक और व्यापक तस्वीर सामने आ सके।
इस बार जनगणना की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा,प्रशिक्षित कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे, लेकिन अब डेटा कागज पर नहीं, बल्कि सीधे मोबाइल ऐप और टैबलेट में दर्ज किया जाएगा।
इसके साथ ही नागरिकों को “सेल्फ एन्यूमरेशन” की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह हाइब्रिड प्रणाली प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाएगी।
डिजिटल जनगणना में नागरिकों से विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जिनमें प्रमुख हैं—
1.कुल जनसंख्या, लिंग अनुपात और आयु वर्ग
2.शिक्षा और साक्षरता स्तर
3.रोजगार और आर्थिक स्थिति
4.आवास की स्थिति और बुनियादी सुविधाएं (पानी, बिजली, शौचालय)
5.इंटरनेट और डिजिटल उपयोग
6.धर्म, भाषा और सामाजिक वर्ग
विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रह की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगी। डिजिटल एंट्री के कारण त्रुटियों में कमी आएगी और आंकड़ों का विश्लेषण भी जल्दी किया जा सकेगा।
इसके अलावा कागज के उपयोग में कमी आने से यह प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल भी साबित होगी,जनगणना के आंकड़े सरकार की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती हैं।
डिजिटल जनगणना के जरिए सरकार को अधिक सटीक और अद्यतन जानकारी मिलेगी, जिससे संसाधनों का बेहतर वितरण संभव हो सकेगा।
इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि देश की वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
डिजिटल जनगणना भारत के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होने जा रही है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से यह प्रक्रिया न केवल तेज और पारदर्शी बनेगी, बल्कि देश के समग्र विकास की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
Comments
comment
date
latest news
डबरानी के पास पहाड़ो से गिरी चट्टान की चपेट में आने से 1 की मौत,8 घायल, डबरानी मार्ग किया पुनः सुचारू

डबरानी के पास पहाड़ो से गिरी चट्टान की चपेट में आने से 1 की मौत,8 घायल, डबरानी मार्ग किया पुनः सुचारू