देहरादून:'सेवा सप्ताह' के दूसरे दिन सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों और जनपद की अभिनव योजनाओं का हुआ विस्तृत प्रस्तुतीकरण
सेवा, सुशासन एवं समर्पण दिवस के अंतर्गत आयोजित सेवा सप्ताह के दूसरे दिन रविवार को देहरादून स्थित सायूराम इंटर कॉलेज में "प्रदेश में प्रथम बार नवीन पहलों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन" विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान उत्तराखंड में पहली बार लागू की गई ऐतिहासिक योजनाओं, सुधारों और उपलब्धियों के साथ-साथ जनपद देहरादून के विभिन्न विभागों की अभिनव पहलों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भिक्षावृत्ति निवारण अभियान से जुड़े बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। नोडल अधिकारी एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरी ने प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की। इसके अलावा राज्य परिवहन निगम पहली बार लाभ में आया, सशक्त भू-कानून लागू हुआ, 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन हुआ, नई खनन नीति से राजस्व में बढ़ोतरी हुई और देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू किया गया।
राज्य में 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया, शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू हुई तथा सभी जिलों में पहली बार 'लैब ऑन व्हील्स' की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में जनपद देहरादून की कई अनूठी पहलें भी सामने आईं। बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ने, तीन स्थानों पर ऑटोमेटेड पार्किंग और चार हिलांस कैंटीन संचालित करने, आईटीआई शंकरपुर में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ स्थापित कर युवाओं को जापान और जर्मनी सहित अन्य देशों के लिए प्रशिक्षित करने जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा, विलुप्तप्राय देहरादूनी बासमती धान के पुनर्जीवन का अभियान, आधुनिक सुविधाओं से लैस रेफरल पशु चिकित्सालय की स्थापना, पीएम-कुसुम योजना के विस्तार तथा राज्य में पहली बार देहरादून से ग्रीन सेस लागू करने जैसी पहलों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।