
देहरादून:हरिद्वार में आयोजित होने वाले आगामी कुंभ मेला-2027 को लेकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। मेले में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
जिस क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय परिसर से हरिद्वार स्थित मेला चिकित्सालय और भूपतवाला चिकित्सालय के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
ये उपकरण कृषि उद्योग विकास परिषद की ओर से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कुंभ क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना और श्रद्धालुओं को जरूरत के समय त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला-2027 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार सभी जरूरी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार मिलना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ चिकित्सा संसाधनों को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में केवल सामान्य चिकित्सा सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था होना जरूरी है। मेला चिकित्सालय और भूपतवाला चिकित्सालय को दिए जा रहे उपकरण आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कृषि उद्योग विकास परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को सफल बनाने में सामाजिक संस्थाओं एवं विभिन्न संगठनों की सहभागिता अहम भूमिका निभाती है। सरकारी प्रयासों के साथ संस्थाओं का सहयोग मिलने से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि संबंधित विभागों और संस्थाओं के आपसी समन्वय से कुंभ मेले का आयोजन बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराया जाएगा।

