भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त उद्यम में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 का समापन आज गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में हुआ।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे।इस दौरान ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह बेनिवाल भी समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। 17 से 19 अप्रैल तक आयोजित हुई इस 3 दिवसीय मैराथन में देश भर से लगभग भारतीय सेना समेत तीन सौ प्रतिभागियों ने इस चुनौतीपूर्ण 113 किलोमीटर लंबी ट्रेल प्रतियोगिता में भाग लिया।
पहले दिन (अप्रैल 17): हेलंग से कलगोट
दूसरे दिन (अप्रैल 18): कलगोट से मंडल
तीसरे दिन (अप्रैल 19): मंडल से ऊखीमठ
चमोली से रुद्रप्रयाग तक हुई इस मैराथन में की शुरुवात कल्पेश्वर मंदिर से हुई
रुद्रनाथ मंदिर व तुंगनाथ मंदिर को जोड़ती हुई ऊखीमठ में समाप्त हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज और युवाओं को प्रेरित करके राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से युवाओं में अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति की भावना मजबूत होती है और यह एक स्पर्धात्मक मैराथन के साथ साथ एक सांस्कृतिक अनुभव भी है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ जैसे आयोजनों से केदारनाथ-बद्रीनाथ क्षेत्र सहित उच्च हिमालयी ट्रेल्स को नई पहचान मिल रही है, जिससे राज्य में सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
इस अवसर पर मेजर पुष्पेंद्र सिंह गढ़वाल स्काउट ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने व पारम्परिक यात्रा मार्गो को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया।