देहरादून-: राजधानी देहरादून में बीते कुछ समय से अपराध के ग्राफ में आई बढ़ोत्तरी के खिलाफ पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा भी अपने तेवर सख्त कर लिए है, जिसकी झलक आज उनके द्वारा आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में देखने को मिली। उनके द्वारा बैठक में शामिल अपनी टीम के अधिकारियों,प्रभारियों को कर्तव्यों में उदासीन रवैया रखने के खिलाफ चेताया व कहा कि ड्यूटी व काम मे लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जा सकती है, इसलिए वक़्त रहने रवैया ठीक करें।
आज शनिवार को पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल द्वारा अपने कार्यालय में अपने अधिकारियों, थाना व चौकी प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की। गोष्ठी के दौरान कप्तान द्वारा उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि कर्तव्यों के प्रति उदासीनता व लापरवाही को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा व लापरवाही दिखाने वाले पुलिस कर्मी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के साथ - साथ थाना प्रभारी/पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जायेगी।
गोष्ठी के दौरान कप्तान द्वारा शहर व्यवस्था के साथ ही आगामी बड़े आयोजन,त्योहार व कार्यक्रम के लिहाज से सुरक्षा व्यवस्था बनाये जाने को निर्देश दिए।
कप्तान ने आगामी चुनाव के विषय मे चर्चा करते हुए कहा कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चुनाव से सम्बन्धित तैयारियां समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें, आपराधिक/अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध गुण्डा तथा गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही भी करें। ऐसे सभी अभियुक्त, जिनके विरूद्ध गुण्डा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई हो, के जिलाबदर की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। साथ ही संगठित अपराधों में लिप्त अपराधियों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही कर उनकी अवैध सम्पत्ति को चिन्हित कर उसके जब्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाये।
राजधानी में बुजुर्गों,महिलाओं व बच्चो की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाने की तरफ कप्तान द्वारा जोर देते कहा कि जो भी शिकायतें जिस भी माध्यम से बच्चो, महिलाओं व बुजुर्गों से जुड़ी आती है उनमें समयबद्ध रूप से कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। साथ ही अपनी शिकायतों व समस्याओं को लेकर थाने आने वाले शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के विधि सम्मत निस्तारण किया जाए। उन्होने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये, न ही अनावश्यक रूप से प्रार्थना पत्रों को लम्बित रखा जाएगा,जो भी ऐसा करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। वहीं लंबे समय से लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा के दौरान उनके द्वारा शिकायतों का निस्तारण लंबित क्यों है, का कारण मांगा व साथ ही अनावश्यक रूप से विवेचनाओं को लम्बित रखने वाले विवेचकों के साथ-साथ सम्बन्धित प्रभारी का भी उत्तरदायित्व तय करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई।
कप्तान द्वारा राजधानी में होने वाले अपराधों पर चर्चा करते हुए कहा कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में घटित जघन्य अपराधों में त्वरित कार्यवाही करेंगे जिसमे कोई ढिलाई नही बरती जाएगी। जघन्य अपराधों में घटना से जुडे सभी साक्ष्यों के त्वरित संकलन के साथ समय से आरोपपत्र न्यायालय प्रेषित किये जाये। साथ ही अपराधियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये न्यायालय में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित अवश्य करें।
राजधानी में हर दूसरा मामला सड़क हादसों से जुड़ा होने पर कप्तान ने चिंता व्यक्त करते हुए सभी थाना प्रभारियों को सडक दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु दुर्घटना सम्भावित स्थानों को चिन्हित करने को कहा। साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में नियमित रूप से प्रभावी चैकिंग अभियान चलाते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन विशेषकर: रैश ड्राइविंग, खतरनाक ड्राइविंग, ओवर स्पीडिंग, ड्रंक एण्ड ड्राइव तथा ओवर लोडिंग करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पीक आवर्स व स्कूलों की टाइमिंग के दौरान सभी थाना प्रभारी स्वंय क्षेत्र में मौजूद रहकर मुख्य मार्गों, चौराहों/भीड वाले स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढाना सुनिश्चित करने को कह। उन्होंने कहा कि चैकिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही परिलक्षित होने पर सम्बन्धित थाना प्रभारी के साथ-साथ सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी की जवाबदेही भी तय की जायेगी।
वांछित/ईनामी अभियुक्तों की धरपकड हेतु सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानों पर विशेष टीम गठित कर प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करने व अभियुक्तों की तलाश हेतु सर्विलांस व अन्य माध्यमों से सभी सम्भावित कार्यवाही सुनिश्चित करने को आदेशित किया।
राजधानी में दर्ज भूमि धोखाधडी तथा एनडीपीएस से सम्बन्धी अभियोगों की समीक्षा करते हुए कप्तान द्वारा उन मामलों में लिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करने के आदेश दिए। साथ ही ऐसे सभी अभियुक्तों के विरूद्ध पिट एनडीपीएस के तहत कार्यवाही करते हुए उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति को चिन्हित करने तथा उसके जब्तीकरण हेतु सभी आवश्यक कार्यवाही को जल्द से जल्द पूर्ण करने के आदेश दिए गए।