हरिद्वार:कोतवाली भगवानपुर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत आदित्य उर्फ आदि राणा हत्याकांड का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में नामजद तीन आरोपियों को इमली रोड टोल प्लाजा के पास से हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त .315 बोर का देशी तमंचा और खोखा कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को सागर पुत्र रविन्द्र राणा निवासी भगवानपुर ने कोतवाली भगवानपुर में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि अनिल शर्मा, उसके पुत्र राहुल शर्मा और रोहित शर्मा उर्फ लक्की ने आदित्य उर्फ आदि राणा को अपने घर बुलाकर देशी तमंचे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में कोतवाली भगवानपुर में मु0अ0सं0 410/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, विवाद के निस्तारण के बहाने आरोपियों ने मृतक को अपने घर बुलाया, जहां कथित तौर पर घटना को अंजाम दिया गया।
घटना के शीघ्र खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी भगवानपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भगवानपुर ने चार अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही संभावित मार्गों पर निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से 3 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों को इमली रोड टोल प्लाजा के पास से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। मामले में आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।