News :
वीवीआईपी मूवमेंट के चलते दून यातायात पुलिस ने शुक्रवार के लिए जारी किया ट्रैफिक प्लान ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर उत्तराखंड वासियो से करोड़ो की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार दीपावली मिलन समारोह में पत्रकारों के हित में सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं 15 महानुभावो को मिलेगा उत्तराखंड गौरव सम्मान कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर सरकार गंभीर, हरिद्वार में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार उत्तराखंड को मिलीं 59 नई बसें, मुख्यमंत्री धामी ने दिखाई हरी झंडी केदारताल में लापता हुए ट्रैकर्स में 4 के शव बरामद, लखनऊ की 2 सगी बहनों की भी हुई मृत्यु मिशन मुस्कान:टीम श्वेता ने दीपावली पर खोये मोबाइल लौटा मायूस चेहरों को दी खुशियां मुख्यमंत्री धामी ने खेल समारोह के विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहे : कप्तान रेखा

*फर्जी इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों से शिक्षक बना अभियुक्त गिरफ्तार

  • Share
*फर्जी इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्रों से शिक्षक बना अभियुक्त गिरफ्तार

shikhrokiawaaz.com

06/26/2025


रिखणीखाल-:  वर्ष 1993 में मृतक आश्रित के कोटे पर माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने संबंधी फर्जी प्रमाणपत्रों को शिक्षा विभाग में जमा कर शिक्षक पद पर नियुक्ति पाने वाले रिखणीखाल के एक शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।विभागीय जांच में भी शिक्षक के सभी दस्तावेज फर्जी होने की पुष्टि हुई है।


सनद हो कि बीती 31 मई को उप शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा रिखणीखाल के द्वारा रिखणीखाल थाना में तहरीर देते हुए दिनेश सिंह रावत निवासी-धूरा पेनो रिखणीखाल, हाल निवासी कोटद्वार के द्वारा फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस द्वारा मामले में धारा- 420/467/468/471 आई.पी.सी. में मुकदमा दर्ज किया गया।


पुलिस द्वारा मामले में छानबीन में करते हुए जानकारी हासिल की कि दिनेश रावत द्वारा 18 अक्टूबर 1993 को मृतक आश्रित के रूप में शिक्षक पद पर नियुक्त हुआ था। जांच में सामने आया कि अभियुक्त द्वारा वर्ष 1993 में जनता इंटर कॉलेज छज्जुपुर जनपद गाजियाबाद हापुड़ में माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ उत्तर प्रदेश द्वारा जारी प्रमाण पत्र से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने संबंधी प्रमाण कूटरचित दस्तावेजों को शिक्षा विभाग में जमा कराया गया था।

जांच में यह और जांच करने पर सामने आया कि दिनेश सिंह रावत द्वारा परीक्षा वर्ष 1993 मॆ माध्यमिक शिक्षा परिषद मेरठ उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाली कोई भी विद्यालय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी और फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उत्तराखंड शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त की गई थी। वहीं विभागीय जांच में भी दिनेश सिंह रावत द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र विभाग में जमा कराने की पुष्टि की हुई है। 


 पुलिस टीम द्वारा दिनेश सिंह रावत के खिलाफ एकत्रित हुए सभी सबूतों के आधार पर आज गुरुवार को अभियुक्त को उसके घर  शिबूनगर, कोटद्वार से गिरफ्तार किया है।

Comments
comment
date
latest news
वीरों का बलिदान याद है हमे.....

वीरों का बलिदान याद है हमे.....