विकासनगर-: विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के जीवनगढ़ स्थित कश्यप मोहल्ला से बीते वर्ष 7 सितंबर 2025 को लापता हुई युवती के मामले में पुलिस द्वारा आखिरकार डीएनए जांच के उपरांत युवती की जानकारी जुटा ली है। अक्टूबर 2025 में हरियाणा से पुलिस को जो कंकाल मिला था, जिसकी पुष्टि नही हो पाई थी, पुलिस ने उस कंकाल का डीएनए युवती के परिजनों से मैच कर लिया है, जिसके उपरान्त वह कंकाल युवती के ही होने की पुष्टि हो गयी है।इस पुष्टि के बाद पुलिस द्वारा गुमशुदा युवयी हत्या के मामले की शव खोज हत्या की सबसे अहम कड़ी जोड़ दी।
बीते वर्ष सितंबर में विकासनगर के जीवनगढ़ निवासी एक युवती गुमशुदा हो गयी थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में युवती दो युवकों के साथ जाती दिखाई दी, लेकिन कुछ देर बाद दोनों युवक अकेले लौटते नजर आए। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ की।
सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने युवती की हत्या कर शव को शक्ति नहर में फेंकने की बात कबूल की थी। इस पूरे मामले में एक नाबालिग युवक ने भी शव ठिकाने लगाने में मदद की थी। पुलिस ने दोनों बालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस टीम द्वारा युवती का शव बरामद करने को शक्ति नहर में तलाश की थी, किन्तु बरसात और तेज बहाव के कारण शव बरामद नहीं हो सका था। वहीं 14 अक्टूबर 2025 को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज में एक कंकाल मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई। पुलिस ने उस समय कंकाल के डीएनए सैंपल सुरक्षित रखवा दिए थे।
गौरतलब है कि युवको द्वारा हत्या की बात कबूलने किन्तु जुर्म साबित करने को सबसे अहम कड़ी युवती के शव को खोजने की पेचीदा काम को मुमकिन बनाने को विकासनगर कोतवाली वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल राणा ने इस पूरे मामले में युवती के परिजनों का डीएनए सैंपल जुटाया, डीएनए जांच को फ़ास्ट करवाया व स्वयं से इस केस में फाइनल रिजल्ट तक जांच की।
मामले की शुरुआती जांच को तत्कालीन चौकी प्रभारी विवेक भंडारी भी युवती की युवको के साथ जाने की पुष्टि को सभी सीसीटीवी नेटवर्क खंगाल युवको तक पकड़ बनाई थी।
अपनी गुमशुदा बेटी की जानकारी जुटाने पर युवती के परिजनों द्वारा दून पुलिस का आभार व्यक्त कर अब पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।