देहरादून:देवभूमि उत्तराखंड को अपराधमुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड की साइबर थाना कुमाऊँ टीम ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसाता था।उक्त प्रकरण में जनपद ऊधम सिंह नगर निवासी एक पीड़ित ने दिसंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने उसे एक कथित ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने का झांसा देकर 24.70 लाख रुपये की ठगी कर ली। शिकायत मिलते ही साइबर थाना कुमाऊँ में मामला दर्ज कर वरिष्ठ एक विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों व डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित डाटा का विश्लेषण किया गया।
जांच में सामने आया कि ठग पीड़ितों को पहले व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ते थे, जहां पहले से मौजूद सदस्य निवेश पर भारी लाभ के फर्जी स्क्रीनशॉट साझा कर विश्वास पैदा करते थे। इसके बाद स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर हेंटेक मार्केट ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने का दबाव बनाया जाता था। निवेश की गई रकम को एक फर्जी एप्लिकेशन के डैशबोर्ड पर बढ़े हुए मुनाफे के रूप में दिखाया जाता था, जिससे पीड़ितों को यह विश्वास हो जाता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि वास्तव में उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हो रही होती थी।
तकनीकी जांच के आधार पर लाभार्थी बैंक खाते के धारक मलकीत सिंह पुत्र बचन सिंह, निवासी ग्राम बमनपुरी बकेनिया, थाना गदरपुर, जिला ऊधम सिंह नगर की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।
जानकारी के अनुसार जिन खातों का उपयोग ठगी में किया गया, उनमें मात्र चार-पांच महीनों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। अक्टूबर और नवंबर 2025 के दौरान ही खातों में भारी ट्रांजेक्शन दर्ज हुआ है। संबंधित बैंक खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी जांच में मिली है।
