अर्जुन सिंह भण्डारी
शरीर एक मंदिर है,
खुद के लिए इसको स्वस्थ रखने का मंत्र योग है,
समर्पण से शरीर का रोग दूर रहे,
हर एक आसान में विकार दूर करने की क्षमता है।।
भारत की ही देन है आज विश्व को योग,
84 योगासन में हर मुश्किल का हल है,
धैर्यता, संयमता व संतुलन का मेल योग ही सिखाता है,
भारत की पौराणिकता का परिचय ही योग है।।
भारत आज विश्व गुरू बनने की राह पर है,
पर उससे पहले योग गुरु बन भारत का वर्चस्व दिखाया है,
प्रभात की पहली किरण को प्रणाम करने की विधा बताता सांझ के ढलते सूरज को विदा करने की कला बताता है,
योग शब्द ही 'जोड़ना' है,
जहां व्यक्तिगत चेतना का ब्रह्मांडीय चेतना में मिलन कराना योग का सार है।।
खुद के लिए वक़्त निकालने में कितना ही समय लगता है,
जिंदगी की भागदौड़ में थोड़ा थमना योग सिखाता है,
हमारे आज की कोशिश से भविष्य में बदलाव की नींव रखता है,
यूहीं नही भारत ने 'योग फ़ॉर हेल्थी एजिंग' का सार समझा रहा है।।