News :
पुलिस तो सुन भी लेती हैं पर आप कब सुनोगे! 26 और 27 सितंबर को ख़राब मौसम के कारण प्रदेश के अधिकतम हिस्से में रेड अलर्ट पिथौरागढ़ में एफएसएसओ अधिकारियों का दो माह का फील्ड प्रशिक्षण शुरू पार्किंग स्थलों की पहचान के निर्देश, कूड़ा निस्तारण और नशामुक्ति अभियान की भी समीक्षा* मिस बॉलीवुड सब-कॉन्टेस्ट में प्रतिभागियों ने एक्टिंग और अदाओं से दिखाया हुनर* खटीमा में अपशिष्ट प्रबंधन को मिले 15 वाहन, नेस्ले इंडिया ने दिए 7 इलेक्ट्रिक वाहन* जवानों के साथ मैदान में उतरीं एसएसपी श्वेता चौबे, परखी फिटनेस* 3 चौकी प्रभारी समेत 22 पुलिस कर्मियों के तबादले शादी कर मौका देख माल साफ करने वाली लुटेरी दुल्हन गिरफ्तार मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा, खटीमा में ₹7.23 करोड़ की लागत से निर्मित गौशाला का किया लोकार्पण

पुलिस तो सुन भी लेती हैं पर आप कब सुनोगे!

  • Share
पुलिस तो सुन भी लेती हैं पर आप कब सुनोगे!

shikhrokiawaaz.com

09/25/2026

देहरादून शहर भी बड़े कमाल का शहर है। एक तरफ यदि पुलिस का कोई जवान, या उससे ऊपर का दरोगा स्तर तक का कोई भी गलती करता है तो उसको तत्काल सस्पेंड कर दिया जाता है, चाहे उसकी गलती हो या ना हो! और अगर बड़े अधिकारियों ने कोई गलती कर भी दी या जिले में कोई आपराधिक वारदात हो जाती है तो फिर कप्तान भी बदल दिए जाते है। पुलिस अपने महकमे में अपने ही साथी को निलंबित कर देती है।

 किंतु दूसरे कोई सरकारी महकमे के कर्मचारी इरादे से गलती कर देते है तो उसी प्रदेश में धरने शुरू हो जाते है। ये लोग विजिलेंस को बन्धक भी बना देते है। इनको पुलिस पकड़ नही सकती, क्योंकि इनका संगठन होता है और इनलोगों को छोटे आपराधिक तत्वों के परिवारों को चलाना होता है।
आप चाहे कोर्ट परिसर में ही देख लो। वहाँ पर आप कुछ नही बोल सकते। वहां तो कोर्ट में पैरवी करने वाले भी पुलिस से ऊपर हो जाते है। हाल ही में मैंने एक मामले का खुलासा किया। उसमे पार्षद ने नकली प्रमाण पत्र जारी किया , उसके द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर ही सारा षडयंत्र रचा गया। और ताज्जुब नही कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से था,इसलिए उसको आसानी से जमानत मिल गयी। 
जिलाधिकारी को नकली प्रमाण पत्र के बारे जानकारी देते हुए  शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। जाँच पूरी हो जाने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जब RTI लगा कर जानकारी प्राप्त की गयी तो पता चला पीड़ित को दोबारा तहसीलदार के पास अपील करनी पड़ेगी। 

क्या हमारे प्रदेश में केवल अपराधो को ही बढ़ावा मिलता रहेगा ? क्या यहाँ पर न्याय की कोई उम्मदी करना पाप हो गया है? हम कैसे करे अपनी सरकारों पर भरोसा! 
हमारे प्रदेश में लगता है अपराध आसानी से फल फूल रहा है। छोटे प्रदेश में पीड़ितों की कोई सुनवाई नही है। कोई भी पीड़ित जब जिलाधिकारी के दरबार में जाता है तो उसको लगता है उसके सारे कष्ट दूर हो गये।  किन्तु उसके सपने कुछ दिनों में ही दु स्वपन में बदल जाते है। और उसको निराशा के अलावा कुछ भी हाथ नहीं लगता।
इस प्रदेश की जनता की पुकार सुनने वाला कोई है...
Comments
comment
date
latest news
शौक पूरा करने के लिए राजधानी के अलग अलग थानों से चुराई 9 बाइक, 2 गिरफ्तार

शौक पूरा करने के लिए राजधानी के अलग अलग थानों से चुराई 9 बाइक, 2 गिरफ्तार