देहरादून-: राजधानी देहरादून में जोरो शोरो से बरसात का आगमन हो गया है। कल 30 जून के साथ ही आज1 जुलाई से पूर्ण तरीके से सावन की शुरुआत राजधानी देहरादून में हो गयी हैं, जो गर्मी से हताहत राजधानी वासियो के लिए एक तरफ तो सुकून लायी है तो वहीं दूसरी तरफ इस बरसात भी राजधानी की जिला प्रशासन की बरसात को लेकर तैयारियों की पोल खुल गयी है।
स्मार्ट सिटी बनाने को कई सालों से कोशिश कर रही राजधानी देहरादून की सड़कें आज 1 जुलाई की बारिश में पानी से इस कदर लबालब हो गयी कि सड़क का किनारा कहाँ है और मुख्य सड़क कहाँ है, कहना बिल्कुल मुश्किल बन गया और वह आलम भी आज तब हुआ जब राजधानी में सुबह कुछ घंटों की बारिश हुई। तो सोचिए अभी तो पूरा सावन पड़ा है दस्तक देने को। स्मार्ट सिटी में न तो ड्रेन मैनेजमेंट की जगह दिखी, न ही चैम्बर के लिए बनाए गए गड्ढों के लिए आसपास बिगड़ी व्यवस्था का दुरुस्तीकरण किया गया। समझ नही आ रहा गाड़ी कहाँ चलाये और पैदल जाना हो तो सड़क के कौनसे हिस्से में पैर रखें कि डूब न जाये।
राजधानी की बरसात हर साल आती है, स्मार्ट सिटी का काम भी हर साल, हर महीने चल रहा है, किन्तु राजधानी को स्मार्ट बनाने की योजना आज तक कहाँ धरातल पर उतरी वह नज़र नही आ रही?