देहरादून:कानून का मतलब सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि पीड़ित की पीड़ा को समझना भी होता है और जनपद देहरादून के पुलिस कप्तान अजय सिंह इस सोच को जमीन पर उतारते नजर आ रहे हैं।
वे हर दिन आम लोगों की समस्याओं को न सिर्फ सुन रहे हैं, बल्कि उन्हें अपना कर्तव्य मानकर समाधान तक पहुंचा रहे हैं,आमजन की समस्याओं को केवल फाइलों तक सीमित रखने के बजाय, वे स्वयं प्रतिदिन लोगों की बातें सुनकर समाधान की दिशा तय कर रहे हैं।
एसएसपी कार्यालय में हर दिन आने वाली शिकायतें अब उम्मीद का ऐसा मंच बन चुकी है,जहां दूर-दूर से आए फरियादी बिना किसी डर के अपनी बात सीधे पुलिस कप्तान के आगे रख पा रहे हैं। कई चेहरों पर वर्षों की पीड़ा होती है,तो कई आंखों में न्याय की आस और एसएसपी अजय सिंह हर शिकायत को पूरे धैर्य, गंभीरता और मानवीय संवेदना के साथ सुनते हैं।
वे केवल औपचारिकता निभाते हुए नहीं, बल्कि हर दस्तावेज़ को ध्यान से देखकर, हर तथ्य को समझकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही सख्त और साफ निर्देश देते हैं।
उनका साफ कहना है कि अपराध, उत्पीड़न और अन्याय के मामलों में लापरवाही सिर्फ गलती नहीं, बल्कि अपराध के बराबर है।
एसएसपी अजय सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि पीड़ित को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़े यह सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है। निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण हर हाल में होना चाहिए।
इस दौरान उनके द्वारा जहां कई मामलों में तत्काल जांच के आदेश दिए गए, वहीं लंबे समय से अटकी शिकायतों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। एसएसपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने शिकायतों को नजरअंदाज किया या जांच में ढिलाई बरती, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
एसएसपी अजय सिंह की संवेदनशीलता, निर्णय लेने की क्षमता और सख्त नेतृत्व से आमजन में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि कानून उनके साथ खड़ा है।
आज जब समाज में भरोसे की सबसे ज्यादा जरूरत है, ऐसे में एसएसपी अजय सिंह का यह मानवीय और अनुशासित नेतृत्व देहरादून में न केवल अपराध नियंत्रण को मजबूती देगा,बल्कि पुलिस और जनता के रिश्ते को भी नई दिशा देगा।