
देहरादून-: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का फरार पति गिरधारी लाल आखिरकार दून पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। दून पुलिस की अलग अलग टीम द्वारा कल शुक्रवार को मुख्य अभियुक्त गिरधारी लाल को झांसी व कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के कूटरचित दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर कर उनसे संबंधित 4 कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाने में शामिल गिरधारी लाल साहू के भतीजे को जोगी नवादा,बरेली से गिरफ़्तार किया है।
बीती 15 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य द्वारा कोतवाली कैंट में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ पूर्व में विवाहित होने के पश्चात भी उनसे विवाह करने, उनके साथ गाली-गलौच एंव मारपीट करते हुए जाति सूचक शब्दों कर उन्हें अपमानित करने, उनसे सम्बंधित कंपनियों में फर्जी दस्तावेज व उनके फर्जी हस्ताक्षर पर उक्त कंपनियों में उनको निदेशक पद से हटाने व उनको जान से मारने की साजिश रच के आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया था। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य द्वारा अपने पति के खिलाफ सबूत के तौर पर सोशल मीडिया में 2 ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा किए थे।कोतवाली कैण्ट द्वारा मु0अ0सं0: 158/26 धारा: 323, 504 506 495, 498 ए, 420, 467, 471, 120 भादवि व 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(वीए) एससी/एसटी एक्ट का अभियोग दर्ज किया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के इन आरोपो के बाद कैबिनेट मंत्री के पति द्वारा भी एक वीडियो जारी कर उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद से ही सियासत में हलचल मची हुई है। वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के आरोपो की जांच को गठित 9 सदस्यीय एसआईटी द्वारा मामले की जांच करते हुए गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी को उनके ठिकानों पर दबिशें भी दी गयी किन्तु वह लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि एसआईटी द्वारा विवेचना के दौरान अभियोग से सम्बन्धित आडियो क्लिप कब्जे में ली गई, साथ ही ममामले से जुड़े सभी गवाहों के बयान अंकित किये गये। विवेचना के दौरान गवाहों के बयानों व प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अभियुक्त गिरधारी लाल द्वारा कैबिनेट मंत्री के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किये जाने व अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर के साथ मिलकर कैबिनेट मंत्रीके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके आधार पर अनुचित लाभ पाने के उद्देश्य से उन्हें 04 कम्पनियों 01: देवों के देव महादेव, 02: बनखण्डी रूद्राक्ष धाम, 03: श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमि0 तथा 04: श्री बनखण्डी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के पद से हटाते हुए अपने भतीजे सतेन्द्र राठौर को उक्त चारो कम्पनियों में निदेशक बनाये जाने की पुष्टि हुई थी।
कप्तान ने बताया कि प्रकरण में अभियुक्त गिरधारी लाल साहू के भतीजे सतेन्द्र राठौर की संलिप्तता प्रकाश में आने पर कोतवाली कैंट पुलिस द्वारा मुकदमे में सतेन्द्र राठौर का नाम भी जोड़ा गया था। कप्तान ने बताया कि गिरधारी लाल के खिलाफ सबूत एकत्रित करने गयी एसआईटी टीम को बरेली में अभियुक्त गिरधारी लाल साहू के विरूद्ध उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखण्ड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा एवं गैंगस्टर एक्ट सहित विभिन्न आपराधिक प्रकरणों के 44 अभियोग पंजीकृत होने की जानकारी प्राप्त हुई।

कप्तान ने बताया कि अभियुक्त गिरधारी लाल साहू तथा उसके भतीजे सतेन्द्र राठौर अपनी गिरफ़्तारी से बचते आ रहे थे। जिसके चलते अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग टीमों को उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश व अन्य प्रांतों में अभियुक्त के सभी सम्भावित ठिकानों पर दबिश को भेजा गया। गठित टीमों द्वारा अभियुक्त के सम्बन्ध में इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व अन्य माध्यमों से जानकारी एकत्रित करते हुए कल शुक्रवार को अभियुक्त गिरधारी लाल साहू(61)को मुखबिर की सूचना पर झांसी, उत्तर प्रदेश से तथा अभियुक्त सतेन्द्र राठौर(40) पुत्र हरिप्रसाद निवासी जोगी नवादा बरेली को जोगी नवादा, बरेली से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार दोनो अभियुक्तों से एसआईटी द्वारा पूछताछ शुरू कर दी गयी है।

