देहरादून-: कुख्यात व ईनामी बदमाशो के खिलाफ एसटीएफ़ उत्तराखंड़ द्वारा चलाए जा रहे सतत अभियान में एसटीएफ़ उत्तराखंड़ व दून पुलिस द्वारा सुनील राठी गैंग के 2 कुख्यात शूटरों को 2 पिस्टल व 7 जिंदा कारतूस संग गिरफ्तार किया।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह द्वारा बीते दिनों एसटीएफ की एक टीम गठित कर प्रदेश में सक्रिय गैंग व अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त बदमाशो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। जिस क्रम में एसटीएफ व देहरादून पुलिस टीम द्वारा कल देर रात एक स्कार्पियो वाहन से 1- भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर जनपद सहारनपुर उ.प्र. व 2- पारस पुत्र जगपाल सिंह निवासी- प्रेमपुरी थाना कोतवाली, जनपद मुजफ्फरनगर, उ.प्र. को 02 अवैध पिस्टल व 07 जिन्दा कारतूस व स्कार्पियो वाहन के साथ गिरफ्तार कर इनके विरूद्ध थाना राजपुर, देहरादून पर मु.अ.स. 40/2026 धारा 111(3) बीएनएस व 3/25 आर्म्स एक्ट मे मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कल गुरुवार को एसटीएफ़ टीम द्वारा तकनीकी/मैनुअल इनपुट के आधार पर थाना राजपुर, जनपद देहरादून क्षेत्रान्तर्गत से कुख्यात सुनील राठी गैंग के 02 सदस्यों को 02 अवैध पिस्टलों व 07 जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त पारस पूर्व में मुख्तार असांरी व संजीव जीवा गैंग का प्रमुख शूटर रहा है, उन दोनो कुख्यात बदमाशो की मृत्यु हो जाने के बाद उसके द्वारा सुनील राठी गैंग जॉइन कर लिया
अभियुक्त पारस द्वारा सुनील राठी के इशारे पर हरिद्वार व देहरादून की बेशकीमती विवादित भूमियों में हस्तक्षेप कर सुनील राठी के लिए धन उगाई कर रहा था। एसटीएफ द्वारा अभियुक्त से बरामद मोबाईल फोन खंगालने पर अभियुक्त का निरन्तर पौड़ी जेल में सुनील राठी से सम्पर्क होने की जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पारस व सुनील राठी की जेल में मुलाकात के दौरान गिरफ्तार दूसरा अभियुक्त भानू भी पौड़ी जेल जाता था।
पूछताछ में पुलिस को अभियुक्तो से हरिद्वार के एक विवादित प्रोपर्टी डीलर जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल गया है का नाम भी प्रकाश में आया है। उक्त प्रॉपर्टी डीलर निरन्तर सुनील राठी के संपर्क में था। अजय सिंह ने बताया कि सुनील राठी के गुर्गों द्वारा देहरादून व हरिद्वार के कुछ व्यापारी को लगातार परेशान किया जा रहा था, किन्तु उनके द्वारा सुनील राठी के डर से कभी शिकायत नही की गई।
जिनको इन सदस्यों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था परन्तु सुनील राठी के भय के कोई शिकायतकर्ता सामने नही आया। अभियुक्तो द्वारा किन- किन लोगों को धमकी दी गयी है, इस सम्बंध में भी जांच की जा रही है। अभियुक्त की गिरफ्तारी से एसटीएफ़ व दून पुलिस द्वारा राजधानी में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से रोक लिया।
अभियुक्त पारस के विरुद्ध मुज़फ्फरनगर, देहरादून में गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामलों में कुल 8 मुकदमे दर्ज है।
