देहरादून: ईरान- इसराइल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी सिलिंडर को लेकर हौल हौल मचा हुआ है। एलपीजी बुकिंग को लेकर जगह आम इंसान कतार में लगा हुआ है वही इसका सबसे ज़्यादा असर होटल उद्योग में देखने को मिला है। आम से लेकर खास तक हर कोई रोज़ मर्रा के जीवन में रेस्टोरेंट, ढाबे पर निर्भर है। स्टूडेंट्स हो या फिर रोज़ कार्य करने वाले कर्मी से लेकर फ़ैमिली के साथ डिनर करने वाले लोग हर कोई इस पर निर्भर है।
लेकिन कमर्शियल एलपीजी की किल्लत के आगे रेस्टोरेंट संचालक बेबस है और बड़े से बड़े रेस्टोरेंट ने भी अपने मेनू को सीमित रखा हुआ है या तो
रेस्टोरेंट और होटल वालों ने चाय-कॉफी समेत एलपीजी से पकने वाले फूड आइटम्स के रेट बढ़ा दिए हैं। हॉस्टल और मेस चलाने वालों ने मेन्यू को छोटा कर दिया है। कई जगह मेन्यू भी बदल दिए गए हैं।
एलपीजी संकट ने होटल उद्योग को झकझोर कर रख दिया है जहां लागत बढ़ी है, सप्लाई घटी है और ग्राहकों पर महंगाई का बोझ बढ़ा है।
यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत में न केवल होटल उद्योग बल्कि आम जनता की रसोई भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।