News :
मोतीचूर फ्लाईओवर के पास भीषण सड़क हादसा, 2 की मौत विद्यार्थियों और आमजन की भारी भागीदारी, हरिद्वार में न्याय संहिता प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब विद्यार्थियों और आमजन की भारी भागीदारी, हरिद्वार में न्याय संहिता प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब कप्तान प्रमेन्द्र ने किया झंडा मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण, हर ओर सुरक्षा को सीसीटीवी से निगरानी के आदेश हरिद्वार पुलिस द्वारा शांति व्यवस्था भंग करने पर 02आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाई अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम धामी ने ‘‘साड़ी गौरव मैराथन’’ में महिलाओं ने भारतीय परिधान साड़ी में किया प्रतिभाग देहरादून के जिलाधिकारी : नाम ही काफी है नारी हूँ मैं........... भोजपत्र कला से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं निकिता रावत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम धामी ने

  • Share
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम धामी ने

shikhrokiawaaz.com

03/08/2026


देहरादून-: व्यक्ति की सृजनकर्ता महिलाओ को सलाम करता आज का दिवस हर मायने में खास है। महिलाओं के योगदान, त्याग को याद करने को वैसे को एक दिन काफी नही किन्तु आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विश्वभर में महिलाओं के योगदान, उनके उत्थान, उनकी शक्ति, तप, संघर्ष से जीत तक कि कहानी को याद कर उनको सलाम करता है। जिस क्रम में आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राजधानी देहरादून के मुख्य सेवक सदन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश की वरिष्ठ मातृशक्ति के सम्मान में आयोजित "नारी तू नारायणी" कार्यक्रम में शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्यभर से 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया। 

उत्तराखंड के अलग-अलग जनपदो से ताल्लुख रखने वाली इन महिलाओं द्वारा अलग-अलग क्षेत्र में खुद से एक मील का पत्थर बनाया है जिसकी बदौलत समाज मे आज वह अनुसरणीय है।  मुख्यमंत्री से सम्मान पाने वालों में जनपद देहरादून की पार्वती देवी नेगी, मीना रवि, डा० ज्योति मरवाह, जनपद नैनीताल से धनुली नेगी, मीनू जोशी, लता हर्बोला, जनपद रुद्रप्रयाग से भादी देवी, गीता नौटीयाल, रामेश्वरी भट्ट जनपद चंपावत से उर्मिला चन्द, जनपद पौड़ी गढ़वाल से डॉ कु० उर्मिला राणा, कमला नेगी,  पार्वती देवी, जनपद अल्मोडा से मनोरमा जोशी, हेमलता वर्मा, कामिनी कश्यप, जनपद उत्तरकाशी से सरतमा देवी, विशाला भण्डारी, शन्ति ठाकुर।

जनपद चमोली से सुशीला सेमवाल, चद्रकला बिष्ट, कलावती देवी, मुन्नी देवी, जनपद बागेश्वर से नीमा दफौटी,  नारायणी देवी,गंगा राम,  जनपद टिहरी गढ़वाल से सोबती देवी, लता देवी, प्रभा रतूड़ी, जनपद ऊधम सिंह नगर से मीना शर्मा, आशा मुन्जाल, इन्द्रा मिश्रा, हरिद्वार से सैयदा खातुन, बाला देवी उर्फ ब्रज किशोरी, कान्ति एवं पिथौरागढ़ दुर्गा खड़ावत, शकुलन्ता दयाल,  देवकी जोशी को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की  शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं। 

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ महिलाएं को नमन करते हुए कहा कि वरिष्ठ महिलाएं परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है। 


मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार, महिलाओं-विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। राज्य सरकार, वृद्धावस्था पेंशन योजना,  विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अवसर मिल सके। 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए भी प्रेरणादाई होती हैं। उन्होंने कहा जो व्यक्ति सक्रिय रहेगा वही जीवंत भी रहेगा। सक्रियता जीवन को संपन्न बनती है। उन्होंने कहा महिला सशक्तिकरण की शुरूआत स्वयं अपने घर से शुरू होकर समाज और देश में जाएगी। महिलाएं हमेशा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करती है। महिला शक्ति ही वह शक्ति है जो परिवार  के साथ समाज और देश का भी निर्माण करती हैं। 

कैबिनेट मंत्री ने आज के कार्यक्रम को हर मायने में खास बताते हुए कहा कि आज जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।

सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की मुख्य थीम "गिव टू गेन"  निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप ऐसे वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वरिष्ठ महिलाओं के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग एवं उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन किया गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन सुनिश्चित किया गया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जा सके।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद श्री गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह ,  एस के त्रिपाठी, मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।



Comments
comment
date
latest news
अनुकृति गुसाँई ने थामा भाजपा का दामन

अनुकृति गुसाँई ने थामा भाजपा का दामन